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Sunday, December 04, 2011

हाइकु सप्ताह कानपुर में

हाइकु सप्ताह २०११ के अन्तर्गत कानपुर में कमलेश भट्ट कमल के आवास पर हाइकु गोष्ठी का आयोजन किया गया। कानपुर में हाइकु पर पहली बार कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम के संयोजक कमलेशभट्ट कमल ने हाइकु कविता के सन्दर्भ में पूरी जानकारी देते हुए बताया कि हाइकु का परिचय गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर ने कराया तथा अज्ञेय जी ने इसे भारत में थोड़ी और गति दी। प्रो० सत्यभूषण वर्मा ने हिन्दी हाइकु का भरपूर प्रचार किया तथा कमलेश भट्ट कमल, भगवतशरण अग्रवाल एवं डा० जगदीश व्योम ने हाइकु को हाइकु दर्पण के माध्यम से हिन्दी साहित्यकारों तक पहुँचाने में बड़ा योगदान दिया है। इस अवसर पर कमलेश भट्ट कमल ने हाइकु - 2009 से एवं अन्य हाइकु की पुस्तकों से हाइकु पाठ किया, जिनमें विशेष रूप से- डा० भगवतशरण अग्रवाल, ओमप्रकाश यती, डा० जगदीश व्योम, रमाकान्त श्रीवास्तव, नलिनीकान्त, नवलकिशोर नवल, पूर्णिमा वर्मन और त्रिलोकसिंह ठकुरेला की प्रतिनिधि हाइकु कविताओं का पाठ किया।
हाइकु कविताओं के पाठ के उपरान्त विनोदकुमार श्रीवास्तव, शैलेन्द्र शर्मा, राजेन्द्र तिवारी, जयराम जय, डा० कमलेश द्विवेदी, अमरीक सिंह दीप, डा० खान हफीज, सत्यप्रकाश शर्मा ने अपनी अपनी कविताओं का पाठ किया। इस अवसर पर दिल्ली से डा० जगदीश व्योम ने आनलाइन रहकर अपनी हाइकु कविताओं का पाठ किया। कार्यक्रम के अन्त में कमलेश भट्ट कमल ने आभार व्यक्त किया। शीघ्र ही नोएडा स्थित कलामित्र में हाइकु की कार्शाला के आयोजन का प्रस्ताव रखा गया जिसे शीघ्र ही कार्यान्वित किया जायेगा।

हाइकु सप्ताह 2011

आज कलामित्र में जाने का अवसर मिला। कलामित्र एक ऐसी संस्था का नाम है जहाँ कलाकारों, साहित्यकारों, नाटककारों, चित्रकारों, संगीतकारों, कवियों आदि सभी को एक साथ मिल बैठकर अपने अपने कला क्षेत्र की विविध गतिविधियों पर चर्चा करने के लिए उचित स्थान एवं चर्चा के अनुरूप वातावरण प्रदान कराता है। नोएडा के सेक्टर 58 में ए-21 में स्थित कलामित्र की स्थापना श्री आर.एन. बाथम ने की। यहाँ कलाकृतियों के प्रदर्शन एवं साहित्यिक विचार विमर्श के लिए बहुत अच्छा वातावरण है। आजकल यहाँ कलाकृतियों की एक सुन्दर गैलरी सजी हुई है जिसे कलाप्रेमी 11 दिसम्बर तक प्रातः 10 बजे से सायं 07 बजे तक देख सकते हैं।
आज डा० जगदीश व्योम ने हाइकु कविता पर यहाँ चर्चा की। हाइकु क्या है ? हाइकु की आज क्या स्थिति है? हाइकु और चित्रकला का पारस्परिक सम्बंध आदि विषयों पर चर्चा हुई। शीघ्र ही हाइकु कार्यशाला का आयोजन यहाँ किया जाएगा।